कम्पाउंड मोटर को फोर-पॉइंट स्टार्टर द्वारा चालू करना
ट्रेड: इलेक्ट्रीशियन | सेमेस्टर: II | अंक: 50
प्रश्न: कम्पाउंड मोटर का वर्णन कीजिए तथा फोर-पॉइंट स्टार्टर की सहायता से उसे चालू कीजिए (चित्र सहित)।
परिचय
कम्पाउंड मोटर एक डी.सी. मोटर है जिसमें सीरीज तथा शंट दोनों प्रकार की फील्ड वाइंडिंग होती हैं। यह मोटर उच्च प्रारंभिक टॉर्क तथा अच्छा स्पीड नियंत्रण प्रदान करती है। मोटर को सुरक्षित रूप से चालू करने के लिए फोर-पॉइंट स्टार्टर का उपयोग किया जाता है।
परिभाषा
कम्पाउंड मोटर वह डी.सी. मोटर है जिसमें सीरीज तथा शंट फील्ड वाइंडिंग का संयोजन होता है।
प्रकार
- क्यूम्यूलेटिव कम्पाउंड मोटर
- डिफरेंशियल कम्पाउंड मोटर
फोर-पॉइंट स्टार्टर
फोर-पॉइंट स्टार्टर डी.सी. मोटर को सुरक्षित रूप से चालू करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें चार टर्मिनल होते हैं: L (Line), A (Armature), F (Field), और N (No Voltage Coil)।
मुख्य भाग
- स्टार्टिंग रेजिस्टेंस
- हैंडल
- ओवरलोड रिलीज (OLR)
- नो-वोल्टेज कॉइल (NVC)
कार्य सिद्धांत
जब स्टार्टर हैंडल OFF से ON की ओर ले जाया जाता है, तो आर्मेचर सर्किट से रेजिस्टेंस धीरे-धीरे हटता है जिससे प्रारंभिक धारा नियंत्रित रहती है। NVC हैंडल को पकड़कर रखता है और सप्लाई बंद होने पर उसे वापस OFF स्थिति में ले आता है। OLR अधिक धारा से मोटर की सुरक्षा करता है।
चालू करने की विधि
- सभी कनेक्शन जांचें
- सप्लाई वोल्टेज सही रखें
- स्टार्टर हैंडल OFF पर रखें
- मेन सप्लाई ON करें
- हैंडल को धीरे-धीरे ON की ओर ले जाएं
- मोटर के सुचारू रूप से चालू होने का निरीक्षण करें
- मोटर को निर्धारित गति पर चलने दें
चित्र
यहाँ फोर-पॉइंट स्टार्टर का लेबल्ड डायग्राम बनाएं (परीक्षा में अंक प्राप्त करने हेतु आवश्यक)।
लाभ
- उच्च प्रारंभिक टॉर्क
- अच्छा स्पीड नियंत्रण
- ओवरलोड से सुरक्षा
उपयोग
- लिफ्ट
- क्रेन
- रोलिंग मिल
सावधानियाँ
- बिना स्टार्टर के मोटर चालू न करें
- फील्ड कनेक्शन सही रखें
- मोटर को ओवरलोड न करें
निष्कर्ष
फोर-पॉइंट स्टार्टर की सहायता से कम्पाउंड मोटर को सुरक्षित रूप से चालू किया गया। यह मोटर की सुरक्षा तथा सुचारू संचालन सुनिश्चित करता है।